पटना: जन सुराज पार्टी के नेता और बांकीपुर से निर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने सोमवार सुबह बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के कार्यालय में शपथ लेने के तुरंत बाद वह लखीसराय के लिए रवाना हो गए। लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह जल चढ़ाने के लिए कतार में लगी श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मचने से सात महिलाओं की मौत हो गई है।
प्रशांत किशोर ने शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि वह लखीसराय जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही इस पर कुछ कहना उचित होगा। अशोक धाम मंदिर में हुई घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं।
पहली बार विधानसभा पहुंचे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर पहली बार विधायक बनकर बिहार विधानसभा पहुंचे हैं। वह बांकीपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं और विधानसभा में जन सुराज पार्टी के एकमात्र विधायक होंगे।
नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। पार्टी के 236 उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई थी। इसके बाद बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया।
शपथ के बाद बोले- यह गौरव के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी
विधायक पद की शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने विधानसभा की सदस्यता को अपने लिए गौरव और जिम्मेदारी का विषय बताया। उन्होंने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, श्रीकृष्ण बाबू, अनुग्रह नारायण सिंह, नीतीश कुमार, लालू यादव, केदार पांडेय, रामविलास पासवान और सुशील मोदी जैसे नेताओं ने जिस सदन के सदस्य के रूप में काम किया, उसका सदस्य बनना उनके लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि इस गौरव के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है और सदन के पूर्व सदस्यों से प्रेरणा लेकर बिहार के समाज की बेहतरी के लिए आगे काम करना उनका उद्देश्य रहेगा।
अशोक धाम की घटना पर पूरी जानकारी के बाद बोलने की बात कही
प्रशांत किशोर ने लखीसराय रवाना होने से पहले कहा कि अशोक धाम में हुई घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही इस पर कुछ कहना उचित होगा। मंदिर में सुबह जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान कतार के पास बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में सात महिलाओं की मौत हुई है।
चुनावी रणनीतिकार से विधायक तक का सफर
राजनीति में सक्रिय भूमिका शुरू करने से पहले प्रशांत किशोर चुनाव रणनीतिकार के तौर पर देश के कई प्रमुख राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने अलग-अलग समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, वाईएसआर कांग्रेस नेता जगनमोहन रेड्डी, टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू और टीवीके नेता विजय से जुड़े राजनीतिक अभियानों में काम किया है।
बिहार की राजनीति में उनकी सक्रियता 2015 के विधानसभा चुनाव से भी जुड़ी रही है। उस समय उन्होंने नीतीश कुमार और लालू यादव के महागठबंधन के लिए काम किया था। बाद में वह जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए और पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, बाद में उन्हें जेडीयू से बाहर कर दिया गया।
2022 में शुरू की थी जन सुराज पदयात्रा
प्रशांत किशोर ने 2 अक्टूबर 2022 को चंपारण से जन सुराज के बैनर तले पदयात्रा शुरू की थी। विधानसभा चुनाव तक उन्होंने बिहार के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक जनसंपर्क किया। अब बांकीपुर से जीत के बाद वह पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं और जन सुराज के सदन में एकमात्र विधायक के रूप में भूमिका निभाएंगे।
